Wednesday, 10 February 2016

आज डेविड हेडली ने अपनी गवाही में कबूला कि इशरत जहाँ लश्करे ताइबा की आत्मघाती फिदायीन या हमलावर थी जो यहाँ किसी आतंकवादी घटना को अंजाम देने आयी थी, इसके बाद बहुत सारे प्रश्न खड़े हो गए है
१. जे डी यू पार्टी के नेता अली अनवर ने इशरत जहाँ को अपनी और बिहार की बेटी बताया था, क्या वो अपनी बात पर कायम रहेंगे?
२.  इशरत जहाँ के उसके साथियो के साथ हुए एनकाउंटर को तत्कालीन यू पी ए सरकार ने फर्जी बताया था क्या तत्कालीन प्रधानमंत्री और ग्रह मंत्री इस पर अपनी सफाई देंगे?
३. सी बी आई और एस आई टी ने अपनी जांच में इशरत जहाँ को लश्करे ताइबा का आतंकवादी नही माना था क्या इसकी जांच नही होनी चाहिये कि किस राजनितिक दबाब में उन्होंने ऐसी झूठी रिपोर्ट गुजरात हाईकोर्ट में पेश की थी?
४. जांच एजेंसी के अधिकारी से शपथ पत्र बदलवाया गया था।  क्या इस बात की जांच नही होनी चाहिए कि उन्होंने ये कौन कौन से नेताओ के कहने से या दबाब में किया था ?
५. क्या न्यायालय के सामने सफ़ेद झूठ रखा गया जिसे न्यायालय ने सच मान लिया, ये कैसे और क्यों हुआ क्या इसकी जांच नही होनी चाहिए ?    

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