भारत के एन एस जी ( न्यूक्लियर सप्लायर ग्रुप ) का सदस्य नहीं बनने पर हल्ला मचाने वाले भारत के एम टी सी आर ( मिसाइल टेक्नोलॉजी कंट्रोल रेजिम ) का सदस्य बनने पर बधाई तो दूर आवाज़ तक करने को तैयार नहीं है जबकि एम टी सी आर का सदस्य बनने के लिए चीन १० वर्षो से प्रयास कर रहा है और भारत के सदस्य बनने के बाद बुरी तरह से बौखला गया है क्यूंकि चीन जनता है कि अब भारत चीन के एम टी सी आर के सदस्य बनने पर वैसे ही अड़ंगे लगायेगा जैसा चीन ने भारत के एन एस जी के सदस्य बनने पर लगाया है और अब भारत पूरे विश्व को ब्रम्होस और अन्य मिसाइल और मिसाइल टेक्नोलॉजी बेच सकेगा , निश्चित ही इस सफलता पर भारत सरकार बधाई की पात्र है। जय हो
Wednesday, 29 June 2016
Friday, 17 June 2016
भारत ने ऑस्ट्रेलिया से ४ - २ गोल से हारने के बाबजूद ३६वी चैंपियंस ट्रॉफी के फाइनल में पहली बार अपनी जगह बना ली क्यूंकि बेल्जियम और इंग्लैंड का मैच ३ - ३ गोल से बराबरी पर छूटने से भारत ७ अंको के साथ फाइनल में पहुँच गया. यहाँ यह भी उल्लेखनीय है कि भारत के कई वरिष्ठ खिलाडी जैसे सरदार सिंह, वीरेंद्र लाकरा, रुपिन्दर पाल सिंह इत्यादि इस टूर्नामेंट में नहीं खेल रहे है। भारतीय हॉकी टीम को फाइनल में पहुँचने पर बधाई और फाइनल में जीतने के लिए अग्रिम शुभकामनाये, ओलिम्पिक गेम्स के लिए भी अच्छा संकेत है
Tuesday, 14 June 2016
कई लोग पूछते है कि युगपुरुष के प्रति इतने कठोर क्यों है ? इसका उत्तर बड़ा स्पष्ट है, ये राजनीति में यह कह कर आये थे कि ये सेवा करने के लिए आये है, इनके विधायक आधी सैलरी में काम करेंगे ( ये अलग बात है कि इन्होने अपने विधायकों की सैलरी राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री से भी ज्यादा कर ली ) ये कसम खा कर आये थे कि सिद्धांतो की राजनीति करेंगे ( ये अलग बात है कि इन्होने अपना कानून मंत्री उसको बनाया जिसकी डिग्रियां ही गैर क़ानूनी थी ) ये कह कर आये थे कि हम भ्रष्टाचार नहीं होने देंगे (ये अलग बात है कि इन्होने गोपाल राय को परिवहन मंत्री बनाया जिन्हे भ्रष्टाचार केारोपो में इस्तीफा देना पड़ा और इनके स्वास्थ्य मंत्री भी जल्दी जाने वाले है ) युगपुरुष ये कह कर आये थे कि गाड़ी नहीं लूंगा बंगला नहीं लूंगा पर सब लिया ये कह कर आये थे कि पार्टी लोकतान्त्रिक तरीके से चलेगी पर यह एक व्यक्ति की जेबी पार्टी बनकर रह गई और जब इनका विरोध करने की कोशिश योगेन्द्र यादव और प्रशांत भूषण ने की तो उन्हें धक्के देकर बाहर निकाल दिया। आज सारे न्यूज़ चैनल्स पर आप के प्रवक्ताओ के चेहरे देखने लायक थे उनकी समझ में ही नहीं आ रहा था कि कैसे जबाब दे और एक चैनल पर योगेन्द्र यादव ने जो सवाल पूछे वाकई सोचने लायक है , जब इन विधायकों को विभिन्न विभागों की समिति में रखा जा सकता था तो इन्हे संसदीय सचिव क्यों बनाया, फरवरी मार्च में जब आप पार्टी में विद्रोह हुआ तो क्या इन विधायकों पार्टी सेअलग होने से रोकने के लिए संसदीय सचिव बनाया और अगर इनकी नियुक्ति सही और नैतिक थी तो फिर ऐसे बिल लाकर इनको बचाने के प्रयास की क्या जरूरत थी और आप के विधायकों ने जो जबाब चुनावआयोग को दिया है वह तो वाकई लाजबाब है इन्होने जबाब दिया है कि ये इन विभागों में इंटर्न है जैसे कोई छात्र अपनी पढाई पूरी कर इंटर्नशिप करता है हा हा हा कुल मिलकर यही कहा जा सकता है कि ये भी दूसरे नेताओं जैसे ही है
Saturday, 11 June 2016
हमारे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदीजी ५ जून को अपनी विदेश यात्रा शुरू कर अफगानिस्तान पहुँचते है, जहां से उसी दिन कतर पहुँच जाते है, अगले दिन कतर में बैठके पूरी कर स्विट्ज़रलैंड पहुँच जाते है और वहां से अमेरिका पहुँच कर दो दिन में कई बैठकों में भाग लेकर ९ जून को मेक्सिको पहुँच कर उसी रात भारत के लिए रवाना हो जाते है, आश्चर्यजनक बात यह है कि उन्होंने अपनी पूरी यात्राएं रात्रि में की और पांचो देशो में दिन में बैठकों में हिस्सा लिया , इतना ही नहीं १० जून को सुबह भारत पहुँच कर ९ बजे मीटिंग्स में हिस्सा लेना शुरू कर देते है जो रात तक चलती है ऐसे है हमारे प्रधानमंत्री, फिर क्यों ना भारतवासी अपने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदीजी पर गर्व करें वो है ही ऐसे जिन पर गर्व किया जा सकता है जय हो
Thursday, 9 June 2016
कल मेरे कुछ मित्रो ने फेसबुक पर लिखा कि नरेंद्र मोदी ही नहीं मनमोहन सिंह और अन्य प्रधानमंत्रियों को भी स्टैंडिंग ओवेशन दिए और तालिया बजाई गई है, बिलकुल सही बात है पर अंतर देखने के लिए मैंने नरेंद्र मोदी और मनमोहन सिंह दोनों के यूएस कांग्रेस में भाषण देखे , मनमोहन सिंह को भाषण शुरू होने और खत्म होने के बाद स्टैंडिंग ओवेशन मिला और भाषण के दौरान १० या ११ बार ताली बजी , मनमोहन सिंह ने पूरा भाषण कागजो में से पढ़ा और पूरे सदन में सीनेटर कागजो में लिखे भाषण को पढ़ते रहे एक और दिलचस्प दृश्य भी था बराक ओबामा सीनेटर के रूप में वहां मौजूद थे , जबकि नरेंद्र मोदी को नौ बार स्टैंडिंग ओवेशन मिले और ६६ बार तालिया बजी और सीनेटर पूरे समय मोदी का भाषण सुनते रहे और उनका ध्यान हाथ में थमे कागजो पर नहीं था और भाषण खत्म होने के बाद सीनेटर्स में मोदीजी से ऑटोग्राफ लेने की और हाथ मिलाने की होड़ मची थी, एक और बड़ी बात जो मोदीजी के भाषण में थी वो था आतंकवाद पर पूरे विश्व को स्पष्ट सन्देश और भारत के बढ़ते हुए प्रभाव को प्रभावशाली ढंग से रखना और अमेरिकन्स को यह बताना कि भारत अमेरिका पार्टनरशिप से अकेले भारत को फायदा नहीं है अमेरिका को भी उतना ही फायदा है ,ये था अंतर दो प्रधानमंत्रियों के भाषण और उसके प्रभाव में
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