Wednesday, 29 June 2016

भारत के एन एस जी ( न्यूक्लियर सप्लायर ग्रुप ) का सदस्य नहीं बनने पर हल्ला मचाने वाले भारत के एम टी सी आर ( मिसाइल टेक्नोलॉजी कंट्रोल रेजिम ) का सदस्य बनने पर बधाई तो दूर आवाज़ तक करने को तैयार नहीं है जबकि एम टी सी आर का सदस्य बनने के लिए चीन १० वर्षो से प्रयास कर रहा है और भारत के सदस्य बनने के बाद बुरी तरह से बौखला गया है क्यूंकि चीन जनता है कि अब भारत चीन के एम टी सी आर के सदस्य बनने पर वैसे ही अड़ंगे लगायेगा जैसा चीन ने भारत के एन एस जी के सदस्य बनने पर लगाया है और अब भारत पूरे विश्व को ब्रम्होस और अन्य मिसाइल और मिसाइल टेक्नोलॉजी बेच सकेगा , निश्चित ही इस सफलता पर भारत सरकार बधाई की पात्र है। जय हो 

No comments:

Post a Comment