हम पिछले १६-१७ सालो से बाजपेयी सरकार को कोसते हुये आये है कि दिसंबर १९९९ में आतंकवादियों ने जब विमान अपहरण कर लिया था और विमान को कंधार (अफगानिस्तान ) ले गए थे तो यात्रियों की जान बचने के लिए मसूद अज़हर समेत ३ खूंखार आतंकवादी बाजपेयी सरकार ने छोड़ दिए थे
लेकिन यू पी ए सरकार के कारनामे के आगे बाजपेयी सरकार का कृत्य कुछ भी नहीं है, पाकिस्तान के साथ संबंध सुधारने के लिए यूपीए सरकार ने जो सद्भावना मिशन शुरू किया था पड़ोसी देश ने उसकी आड़ में भारत के साथ विश्वासघात करने का काम किया है। साल 2010 में यूपीए सरकार ने पाकिस्तान के साथ संबंध सुधारने के लिए सद्भावना मिशन के तहत जैश ए मोहम्मद के जिस आतंकी शाहिद लतीफ को छोड़ा था उसी ने पठानकोट में हुए आतंकी हमले का तानाबाना बुना था। सूत्रों के अनुसार शाहिद लतीफ ही पठानकोट हमले का मास्टरमाइंड है। उच्च सूत्रों ने बताया कि 47 साल का शाहिद लश्कर ए तोएबा, हिजबुल मुजाहिदीन और जैश ए मोहम्मद के उन 25 आतंकियों में से एक था जिन्हें रिहा किया गया। तत्कालीन मनमोहन सिंह सरकार ने पाकिस्तान के साथ रिश्तों में सुधार के लिए 28 मई 2010 को जम्मू, श्रीनगर, आगरा, वाराणसी, नैनी और तिहाड जेल से 25 आतंकियों को रिहा करके वाघा बार्डर के रास्ते पाकिस्तान भेज दिया था।
11 साल भारत की जेल में बंद रहे लतीफ को छुड़वाने के लिए तब भी प्रयास किया गया था जब दिसंबर 1999 में लश्कर के आतंकियों ने इंडियन एयरलाइंस के प्लेन को हाइजैक कर लिया था। जैश के चीफ मौलाना मसूद अजहर और उसके साथ दो आतंकियों को तब वाजपेयी सरकार ने रिहा कर दिया था, लेकिन लतीफ और अन्य 31 आतंकियों को छोड़ने से इंकार कर दिया गया था।
कांग्रेस सरकार यानी यूपीए- 2 ने लतीफ सहित 40 आतंकवादियों को गुप-चुप पाकिस्तान को सौंप दिया था 2006 में, यह अब पता चल रहा है। काहे, किसके दबाव या मोह में छोड़ा ? इसी लतीफ को फिर से पकड़ने के लिए वर्तमान सरकार ने रेड कार्नर नोटिस जारी कराने की पहल की है। अब तो यह भी देश जानना चाहेगा कि यूपीए-1 और 2 ने ऐसे और कितने देशघाती काम किये हैं !
वाह रे यू पी ए सरकार ! और क्या-क्या देश-विरोधी काम किया है वर्तमान सरकार को साहस करके सब बता देना चाहिए ।
कोई ज़रूरी नहीं कि एनडीए की यह सरकार जनता की कसौटी पर पूरी तरह खरी ही उतरे लेकिन एक काम तो हुआ कि कांग्रेस सरकार के तमाम पाप एक-एक कर सामने आने लगे।
लेकिन यू पी ए सरकार के कारनामे के आगे बाजपेयी सरकार का कृत्य कुछ भी नहीं है, पाकिस्तान के साथ संबंध सुधारने के लिए यूपीए सरकार ने जो सद्भावना मिशन शुरू किया था पड़ोसी देश ने उसकी आड़ में भारत के साथ विश्वासघात करने का काम किया है। साल 2010 में यूपीए सरकार ने पाकिस्तान के साथ संबंध सुधारने के लिए सद्भावना मिशन के तहत जैश ए मोहम्मद के जिस आतंकी शाहिद लतीफ को छोड़ा था उसी ने पठानकोट में हुए आतंकी हमले का तानाबाना बुना था। सूत्रों के अनुसार शाहिद लतीफ ही पठानकोट हमले का मास्टरमाइंड है। उच्च सूत्रों ने बताया कि 47 साल का शाहिद लश्कर ए तोएबा, हिजबुल मुजाहिदीन और जैश ए मोहम्मद के उन 25 आतंकियों में से एक था जिन्हें रिहा किया गया। तत्कालीन मनमोहन सिंह सरकार ने पाकिस्तान के साथ रिश्तों में सुधार के लिए 28 मई 2010 को जम्मू, श्रीनगर, आगरा, वाराणसी, नैनी और तिहाड जेल से 25 आतंकियों को रिहा करके वाघा बार्डर के रास्ते पाकिस्तान भेज दिया था।
11 साल भारत की जेल में बंद रहे लतीफ को छुड़वाने के लिए तब भी प्रयास किया गया था जब दिसंबर 1999 में लश्कर के आतंकियों ने इंडियन एयरलाइंस के प्लेन को हाइजैक कर लिया था। जैश के चीफ मौलाना मसूद अजहर और उसके साथ दो आतंकियों को तब वाजपेयी सरकार ने रिहा कर दिया था, लेकिन लतीफ और अन्य 31 आतंकियों को छोड़ने से इंकार कर दिया गया था।
कांग्रेस सरकार यानी यूपीए- 2 ने लतीफ सहित 40 आतंकवादियों को गुप-चुप पाकिस्तान को सौंप दिया था 2006 में, यह अब पता चल रहा है। काहे, किसके दबाव या मोह में छोड़ा ? इसी लतीफ को फिर से पकड़ने के लिए वर्तमान सरकार ने रेड कार्नर नोटिस जारी कराने की पहल की है। अब तो यह भी देश जानना चाहेगा कि यूपीए-1 और 2 ने ऐसे और कितने देशघाती काम किये हैं !
वाह रे यू पी ए सरकार ! और क्या-क्या देश-विरोधी काम किया है वर्तमान सरकार को साहस करके सब बता देना चाहिए ।
कोई ज़रूरी नहीं कि एनडीए की यह सरकार जनता की कसौटी पर पूरी तरह खरी ही उतरे लेकिन एक काम तो हुआ कि कांग्रेस सरकार के तमाम पाप एक-एक कर सामने आने लगे।
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