पिताजी के निधन के बाद मैंने इस वर्ष खेत के कुछ हिस्से में अलसी लगवाई, अलसी पहले बोई जाती थी पर पिछले २५ वर्षो से बुंदेलखंड क्षेत्र में इसका प्रचलन कम हो चुका है पर आश्चर्यजनक रूप से अच्छी और उच्च गुणवत्ता की अलसी पैदा हुयी जिसे देखने के बाद मेरे गांव के कई किसानों ने अगले वर्ष से अलसी लगाने का निर्णय लिया है, वैसे सभी को जानकारी होगी कि अलसी ह्रदय के लिए बड़ी ही लाभकारी है ये तो पुरातन खेती की और मेरा पहला कदम था अभी तो खेती की प्रक्रिया को सुधारने की लड़ाई बहुत लम्बी है पर जैसा कहते है कि पहले कदम पर सफलता मिले तो जोश दुगना हो जाता है उम्मीद करता हूँ कि अपने गांव और आसपास के क्षेत्रो में किसानों को जैविक,प्राकर्तिक और पुरातन खेती की और मोड़ने में कुछ हद तक सफल हो पाऊ यही ईश्वर से प्रार्थना
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